प्राचीन और मध्य कालीन भारत के काव्य लेखक एवं उनकी पुस्तके

प्राचीन  और मध्य कालीन भारत के काव्य लेखक एवं उनकी पुस्तके

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प्राचीन विषयों पर भी अनेक महाकाव्य लिखे गए हैं। यही नहीं, विदेशी महापुरुष भी संस्कृत महाकाव्य के विषय बने हैं। नाटक के समान महाकाव्य भी आधुनिक संस्कृत कवियों की अत्यधिक लोकप्रिय विधा है।


*ध्यातव्य बिन्दु

◆ महाकाव्य — सर्गबन्ध रचना

◆ महाकाव्य का नामकरण — कवि, कथानक अथवा नायक के नाम पर आधारित।

◆ कालिदास के दो प्रसिद्ध महाकाव्य–


(i) *कुमारसम्भव — सर्ग-आठ, रीति-वैदर्भी।*

विषय : शिव-पार्वती के विवाह तथा कुमार कार्तिकेय के जन्म की कथा।


◆ कालिदास के श्रृंगार रस के प्रति विशिष्ट आकर्षण का द्योतक।


(ii) *रघुवंश- सर्ग- 19, रीति-वैदर्भी।*

विषय — इक्ष्वाकुवंश के विभिन्न राजाओं का विस्तृत वर्णन, गृहस्थ जीवन की श्रेष्ठता का प्रतिपादन।

रघुवंशी राजाओं के उच्च आदर्शों का द्योतन।

सभी रसों के प्रकाशक प्रसाद गुण से परिपूर्ण।


*अश्वघोष के दो महाकाव्य–*


(i) *बुद्धचरित— सर्ग-28, उपलब्ध सर्ग-14।*

विषय — भगवान् बुद्ध के जीवन और उपदेशों का वर्णन।


(ii) *सौन्दरनन्द— सर्ग-18, रीति- वैदर्भी।*

विषय — नन्द और सुन्दरी के परस्पर अनुराग का श्रृंगारपूर्ण वर्णन।

बुद्ध के सौतेले भाई नन्द की धर्मदीक्षा का वर्णन।

बौद्धधर्म के उपदेशों की रोचक एवं काव्यमय प्रस्तुति।


◆ *किरातार्जुनीय*

सर्ग—18

विषय— इन्द्रकील पर्वत पर दिव्य अस्त्र प्राप्त करने वाले अर्जुन और किरातवेशधारी भगवान् शंकर के युद्ध का वर्णन।


*इस महाकाव्य के प्रसिद्ध नीतिवाक्य—*
*हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः।*
*सहसा विदधीत न क्रियाम्॥*

*समय- छठी शताब्दी।*

*◆ रावणवध (भट्टिकाव्य)*
लेखक— भट्टि।
समय— छठी शताब्दी का उत्तरार्द्ध एवं सातवीं शताब्दी का आरम्भ।
विषय— रामायण की कथा का सरल एवं संक्षिप्त रूप में वर्णन।

*◆ जानकीहरण*
लेखक— कुमारदास।
विषय— राम की कथा पर आधारित।
समय— छठी शताब्दी।

*◆ शिशुपालवध*
लेखक— माघ।
समय— 700 ई.।
विषय— कृष्ण द्वारा शिशुपाल के वध की कथा का वर्णन।

*◆ नैषधीयचरित*
लेखक— श्रीहर्ष।
समय— बारहवीं शताब्दी।
विषय— निषध देश के राजा नल एवं दमयन्ती के प्रणय का वर्णन।

*◆ बृहत्त्रयी*
किरातार्जुनीय (भारविकृत), शिशुपालवध (माघकृत) एवं नैषधीयचरित (श्रीहर्षकृत) बृहत्त्रयी कहलाते हैं।

*◆ हरविजय*
लेखक— रत्नाकर (कश्मीरी कवि)।
समय— 850 ई.।
विषय— भगवान् शिव की अन्धकासुर पर विजय का विस्तृत वर्णन।


*◆ कफ्फणाभ्युदय*

लेखक— शिवस्वामी।

विषय—बौद्धग्रन्थ अवदानशतक की कथा पर आश्रित।


*◆ रामायणमञ्जरी, भारतमञ्जरी और बृहत्कथामञ्जरी*

लेखक— क्षेमेन्द्र।

विषय— प्रसिद्ध कथाओं पर आश्रित।


*◆ दशावतारचरित*

लेखक—क्षेमेन्द्र।

समय— 995 ई. से 1070 ई.।


*◆ श्रीकण्ठचरित*

लेखक— मंख (कश्मीरी कवि)।

समय—बारहवीं शताब्दी।

विषय— शिव द्वारा त्रिपुर की पराजय का वर्णन।

सर्ग— 25 सर्ग।


*◆ शिवलीलार्णव*

लेखक— नीलकण्ठ दीक्षित।

समय— सत्रहवीं शताब्दी।

सर्ग— बारह सर्ग।


*◆ पतञ्जलिचरित*

लेखक— रामभद्र दीक्षित।

सर्ग— आठ।


*◆ यादवाभ्युदय*

लेखक— वेंकटनाथ।


*◆ शत्रुञ्जय*

लेखक— धनेश्वर सूरि।


*◆ नेमिनिर्माणकाव्य*

लेखक— वाग्भट।


*◆ चन्द्रप्रभाचरित*

लेखक— वीरनन्दी।


*◆ धर्मशर्माभ्युदय*

लेखक— हरिश्चन्द्र।


*◆ कुमारपालचरित (द्व्याश्रयकाव्य)*

लेखक— हेमचन्द्र।

सर्ग—28।


*◆ द्व्याश्रयकाव्य*

ऐसा काव्य जो दो कथानकों पर आधारित हो।


*◆ वर्तमान संस्कृत महाकाव्य*

अनेक महापुरुषों यथा गुरुगोविन्द सिंह, शिवाजी, स्वामी दयानन्द, रामकृष्ण परमहंस, विवेकानन्द, सुभाषचन्द्र बोस आदि पर लिखे गए



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